रेंजर वसूली मामले में मास्टर माइंड की तलाश
रायपुर
मुंगेली वन विभाग में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम को सीबीआई जांच का डर दिखाकर एक करोड़ से अधिक की राशि वसूली मामले में कथित पत्रकार तो पकड़ा गए है लेकिन मास्टर माइंड सरताज अली अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है। सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस तलाश रही है। एसपी मुंगेली अरविंद कुजुर ने बताया कि सरताज के साथ परमवीर और वर्षा तिवारी के सारे संपर्क सूत्रों को जोड़कर जानकारी निकाली जा रही है, निश्चित रुप से आगे बड़े खुलासे हो सकते है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले रेंजर से वसूली मामले में कथित पत्रकार परमवीर मरहास और उसकी महिला मित्र वर्षा तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले की हकीकत किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जब पैसे लेने की बात आती थी तब रेंजर को किसी सुनसान जगह पर ले जाकर पैसा लिया जाता था। सीधे मिलकर कभी भी पैसा नहीं लिया गया। रेंजर नेताम दरअसल सरताज अली पर बहुत अधिक भरोसा रखता था और इसीलिए वह लगातार आरोपियों को पैसे देते रहा। यहां तक कि घर-बार बेचने तक नौबत आ गई। सीबीआई का डर रेंजर के मन में बिठा दिया गया, उन्हें हर बार यही बताया जाता था कि सीबीआई की टीम साथ में है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। यहां एक बड़ा सवाल यह भी आ रहा है कि आखिर रेंजर को किस बात पर आरोपी ब्लैकमेल कर रहे थे। एसडीओपी तेजराम पटेल ने बताया कि चूंकि इस मामले की जांच जारी है और आरोपियों की मदद करने वालों के बारे में जानकारी निकाली जा रही है। वहीं वन विभाग ने अभी तक इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया है। हो सकता है संज्ञान में लेने पर कुछ बड़ा खुलासा हो जाए।
बहरहाल मास्टर माइंड सरताज अली को पुलिस तलाश कर रही है। अकलतरा में बन रहे आलीशान बंगले से लेकर उसके छिपने के सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस दबिश दे चुकी है। सरताज अली के पुराने घर में जब पुलिस पहुंची को वहां केवल उसका मोबाइल मिला। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अपने तरह का यह पहला बड़ा मामला था जिसमें एक करोड़ की राशि तो दी जा चुकी थी, बची राशि देने के दौरान रेंजर की शिकायत पर इस मामले का खुलासा हुआ। इसलिए पुलिस पूरी गंभीरता से जुड़े संभावित लोगों से प्रकरण के संबंध में तहकीकात कर रही है।

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